Author: KnolValley

जैफ बेजॉस वह इंसान जिसने कभी हार नहीं मानी

अमेजॉन कंपनी के मालिक जैफ बेजॉस का जीवन संघर्ष जैफ बेजॉस एक बहुत ही कामयाब उद्यमी है तथा उन्हें ई-कॉमर्स उद्यम का निर्माता कहा जाता है ऐमेज़ॉन विश्व की सबसे बड़ी रिटेलर कंपनी है जिसके द्वारा इंटरनेट पर सभी प्रकार के बिजनेस किए जा सकते हैं चाहे वह बिजनेस किसी भी वस्तु से ताल्लुक रखते […]

हिन्दू धर्म के खात्मे पर ज्योतिबा फूले के विचार

हिंदू धर्म वास्तव में ही जीने लायक था या नहीं ज्योतिबा फुले के विचार सुनिए। ज्योतिबा फूले एक बहुत ही सरल तथा सुलझे हुए इंसान थे ईश्वर को ही उन्होंने इस समाज तथा ब्रम्हांड का निर्माता माना और पृथ्वी पर सभी जीव जंतु नर नारियों तथा सभी को उन्होंने ईश्वर की ही संतान माना. ज्योतिबा […]

अनुसूचित जातियां तथा जनजातियां की संवैधानिक परिभाषा

अनूचित जनजाति क्या होती है  ? आमतौर पर जाति की कोई परिभाषा विस्तार से कहीं पर भी निश्चित नहीं की गई है कि जाति या जनजाति की कोई ऐसी परिभाषा नहीं है क्योंकि भारतवर्ष अनेक प्रकार की भाषा ,जाति ,संस्कृति, धर्म ,क्षेत्रीय, विविधताओं से भरा एक विशाल देश है। किसी भी जनजाति को इस आधार […]

अपने कम्प्युटर को स्लो तथा हैंग होने से कैसे रोके

अपने कम्प्युटर को सुपर फास्ट कैसे बनाए । दोस्तों सवाल आता है अपने कंप्यूटर को हम कैसे सुपर फास्ट यानी इस तरह अपने तरीके से सेट , कर पाए जिससे हमारे कंप्यूटर की परफॉर्मेंस चलते वक्त बहुत ही अच्छी हो जाए किसी प्रकार का कोई लेग तथा हैंग देखने को ना मिले दोस्तों कंप्यूटर की […]

आदिवासियों द्वारा किए गए संघर्ष और आंदोलन

आदिवासियो द्वारा किए गए आंदोलन । भारत लंबे समय से ब्रिटिश सरकार की गुलामी करता आ रहा था तथा भारतीयों को गुलामी की आदत पड़ चुकी थी समय बीतता गया और गुलामी अपने चरम पर थी तथा सारे मूल अधिकारों का हनन पूरी तरह से कर दिया गया था। अंग्रेजों द्वारा तथा भारतवासियों को आजादी […]

स्वामी विवेकानंद और भारतीयो का स्वाभिमान

राष्ट्रवाद और स्वामी विवेकानंद स्वामी जी विवेकानंद एक बहुत ही सच्चे मन के राष्ट्रवादी थे वह विश्व के देशों में, भारत की जो स्थिति चल रही थी उसे लेकर वह बहुत ही चिंतित थे भारत ना केवल राजनीतिक रूप से भी ब्रिटेन का गुलाम बन चुका था बल्कि मानसिक स्थिति और बौद्धिक रूप से भी […]

विनायक दामोदर सावरकर की विचारधारा और ब्रिटिश सरकार

विनायक दामोदर सावरकर की विचारधारा किस प्रकार की थी ? विनायक दामोदर सावरकर का जन्म साल 1883 में हुआ था वह एक ऊंचे विचार वाले पक्के राष्ट्रवादी थे तथा क्रांतिकारी सेनानी थे जो कि अपने सहासिक राजनीतिक कार्यों से प्रकाश में आए थे। सावरकर का जीवन अत्यधिक जेल में ही बीता उनके क्रांतिकारी होने के […]

मोहम्मद अली जिन्ना और द्विराष्ट्र सिद्धांत

द्विराष्ट्र सिद्धांत सिधान्त कहा से उजागर हुआ , और इसकी मांग किसने की? समय था 20 मार्च 1940 मोहम्मद अली जिन्ना अपने कड़े रुख पर अटके हुए थे उनका मानना था कि द्विराष्ट्र सिद्धांत ही मुसलमानों की रक्षा कर सकता है अगर उनको भी राष्ट्रीय सिद्धांत में पाकिस्तान नहीं मिलता तो वह मुसलमानों का अंत […]

सत्याग्रह पर महात्मा गांधी जी के विचार तथा दृष्टिकोण

गांधी जी और सत्याग्रह गांधी जी द्वारा सत्याग्रह का विचार तो सामने रखा ही था उन्होंने सत्याग्रह की अलग-अलग पद्धतियों के बारे में बहुत ही विस्तारपूर्वक समझाया है। गांधीजी के अनुसार अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार सत्य ग्रह की अनेक पद्धतियां कुछ इस प्रकार थी। विरोधियो का नम्र दिल होना आत्मपीड़न के द्वारा विरोधियों का हृदय […]

फासीवाद तथा फासिस्ट पार्टी और मुसोलिनी का दौर

फासीवाद के अधीन राज्य समय था 1926 का फासीवादी राज्य एक व्यक्ति की तानाशाही की संस्था के रूप में स्थित होता जा रहा था इटली में अक्टूबर 1926 में सभी विपक्षी दलों और संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था जो कि एक अलोकतांत्रिक विपदा और इसी के दरमियान जन सुरक्षा कानून 1926 राज्य की […]